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5 may history of the day
pexels photo by Nicole Berro
भारतीय इतिहास में 5 मई : में पांच मई विशेष दिन, प्रसिद्ध जन्मदिन, गतिविधियों को पहचानें
इतिहास की गहराईयों में : जानने के लिये कि क्यों खासम खास है पांच मई का ये दिन, किन महान हस्तियों से है नाता इस दिन का, हमारा ये लेख अंत तक जरूर पढ़ें
खास जरूरी बातें
हम यहां कुछ ऐसी घटनाओं और व्यक्तित्वों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें पहचानना या जिनके बारे में जानना बहुत महत्वपूर्ण है। आइए जानते हैं क्यों 5 मई का दिन भी इतिहास में खास है...
इट्स माइल्स ने कहा है कि प्रत्येक क्षण का अपना व्यक्तिगत इतिहास होता है। इस संसार में हर दिन और हर सेकेंड में कुछ ऐसी उत्कृष्ट और बुरी गतिविधियां होती हैं, जिनका परे और भाग्य के साथ गहरा संबंध होता है। कुछ घटनाएं और घटनाएं ऐसी होती रहती हैं कि वे अनंत काल के लिए प्रभाव छोड़ जाती हैं। इनमें, जन्म से लेकर महान व्यक्तित्वों के निधन तक जीवन के साहसिक कार्य के महत्वपूर्ण मील के पत्थर, कुछ महत्वपूर्ण उपलब्धियां, परेशान करने वाली घटनाएं और कई अन्य सर्वाधिक ऐतिहासिक महत्व रखते हैं। हम यहां कुछ ऐसी ही घटनाओं और शख्सियतों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनकी पहचान करना बहुत जरूरी है। आइए जानते हैं कि 5 may का दिन इतिहास में अद्वितीय क्यों है...
5 मई का दिन इतिहास के पन्नों में बेहद खास दिन है। इस तथ्य के कारण कि पाँच भी हो सकते हैं, यूरोप में महान फ्रांसीसी लोकप्रिय नेपोलियन बोनापार्ट, जर्मन अर्थशास्त्री और दार्शनिक विचारक कार्ल मार्क्स, बॉलीवुड के उल्लेखनीय गीत निर्देशक नौशाद अली और गुलशन कुमार के साथ घनिष्ठ संबंध रहा है, जिन्होंने नए आयाम दिए जैसे- भारतीय भक्ति ट्रैक। इसके अलावा इसी दिन सिखों के 13 वें गुरु अमरदासजी का जन्म हुआ था। यही नहीं, इस तिथि के नाम पर कई बड़ी उपलब्धियां भी दर्ज हैं। चलो समझते हैं...
नेपोलियन बोनापार्ट की मृत्यु हो गई
नेपोलियन बोनापार्ट, फ्रांस के प्रथम श्रेणी के जाने-माने नेता थे जिनकी, यूरोप में पांच मई, 1821 को मृत्यु हो गई। 15 अगस्त 1769 को फ्रांस के अजाचियो शहर के अंदर पैदा हुए, नेपोलियन सुप्रतिभा में समृद्ध थे। पेरिस में नौसेना स्कूल से शिक्षा प्राप्त करने के बाद, नेपोलियन नौसेना में शामिल हो गए और अपनी महान वीरता, बहादुरी की विशिष्ट विशेषता के माध्यम से एक मानक बन गए। नेपोलियन को इतिहास में दुनिया के विभिन्न बेहतरीन सेनापतियों और विजेताओं में गिना जाता है। उन्होंने फ्रांस में एक नया नियमन कोड पेश किया जिसे नेपोलियन कोड के नाम से जाना जाता है। नेपोलियन बोनापार्ट ने 1804 में खुद को फ्रांस का सम्राट घोषित किया। वह यूरोप के कई अन्य क्षेत्रों के शासक भी थे। उन्होंने 60 लड़ाइयों में भाग लिया, जिनमें से सात हारे हैं।
मार्क्सवाद के जनक कार्ल मार्क्स की जनम
मार्क्सवादी विचारधारा और दर्शन के पिता कार्ल मार्क्स का जन्म भी 5 मई, 1918 को हुआ था। कार्ल हेनरिक मार्क्स को प्रथम श्रेणी के दार्शनिक, इतिहासकार और जर्मन अर्थशास्त्री माना जाता है। कार्ल मार्क्स की साम्यवादी विचारधारा को मार्क्सवादी विचारधारा के रूप में जाना जाता है। दुनिया के मजदूरों को एक होने का नारा देने वाले मार्क्स ही बने। मार्क्स की प्रसिद्ध पुस्तक दास कैपिटल (राजधानी) है। कार्ल मार्क्स ने 1848 में द कम्युनिस्ट मेनिफेस्टो लिखा था। अत्याधुनिक समाजवाद के पिता कार्ल मार्क्स ने 14 मार्च, 1883 को लंदन में अंतिम सांस ली। मार्क्स की मृत्यु के बाद 1917 में रूसी क्रांति हुई। इसके बाद कई राष्ट्र मार्क्स के विचारों से प्रेरित होकर साम्यवादी विचारधारा को अपनाते चले गए।
गुलशन कुमार जयंती
5 मई को टी-कलेक्शन ट्रैक एम्प्लॉयर के संस्थापक गुलशन कुमार की भी जयंती है। गुलशन का जन्म 5 मई 1956 को दिल्ली के रिश्तेदारों के एक पंजाबी सर्कल में भी हुआ था। उन्होंने भारतीय भक्ति धुन को एक नए स्तर पर पहुंचाया। कैसेट निर्माता गुलशन कुमार का नाम फिल्म इंटरनेशनल की उन हस्तियों में से एक है, जिन्होंने पूरी तरह से कम समय में ख्याति की ऊंचाइयों को पूरा किया। गुलशन कुमार, जो 90 के दशक के अंदर कैसेट विक्रेता से बॉलीवुड गीत उद्योग के शीर्ष तक पहुंचे, 12 अगस्त 1997 की सुबह अंडरवर्ल्ड के माध्यम से सार्वजनिक रूप से हत्या कर दी गई।
संगीत ट्रैक के जादूगर नौशाद की बरसी
नौशाद का आह्वान अब बॉलीवुड और भारतीय संगीत जगत में कोई सृजन नहीं चाहता। पांच मई को नौशाद की पुण्यतिथि है। पांच मई 2006 को भी उनका निधन हो गया। धुन के प्रति लगाव के कारण लखनऊ से घर से भागे नौशाद शुरुआती दौर में मुंबई की पगडंडी के किनारे फुटपाथ पर ही रहते थे। एक ही समय में सोना, उठना, खाना-पीना और चित्रों की तलाश करना। हालांकि उनकी किस्मत में कुछ और ही लिखा था। वह चालीस रुपये प्रति माह की आय पर उस्ताद झंडे खां के साथ गाने लगे।
1952 में आई फिल्म बैजू बावरा ने उनकी किस्मत बदल दी। इस सुपरहिट फिल्म की धुन फुटपाथ पर सो रहे युवक नौशाद के जरिए दी गई थी। नौशाद को इसके लिए संतोषजनक धुन निर्देशक का फिल्मफेयर पुरस्कार भी मिला। इसके बाद वह दोबारा पीछे मुड़कर देखने में असफल रहा। नौशाद ने मुगल-ए-आजम, मदर इंडिया, कोहिनूर, पाकीजा, गंगा-जमुना, बाबुल, मेरे महबूब जैसी उत्कृष्ट फिल्मों के लिए गीत भी तैयार किए। इस योगदान के लिए नौशाद अली को 1981 में दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
इतिहास की किताबों में इन वजहों से भी खास है पांच मई का दिन
05 मई, 1479: सिखों के 30 रे गुरु अमरदासजी का जनम हुआ था।
05 मई, 1818: महान जर्मन अर्थशास्त्री और विचारक कार्ल मार्क्स का जनम।
05 मई, 1821: फ्रांसीसी महान शासक और सेनापति नेपोलियन बोनापार्ट का निधन।
05 मई, 1903: गांधीवादी विचारधारा के नेता, अधिवक्ता और महान स्वतंत्रता सेनानी अविनाशलिंगम चेट्टियार जनम हुआ था।
05 मई, 1916: आजाद भारत के 7 वें राष्ट्रपति रहे ज्ञानी जैल सिंह का जनम हुआ था।
05 मई, 1929: प्रसिद्ध भारतीय महान क्रांतिकारी अब्दुल हमीद कैसर का जनम हुआ था।
इतिहास के झरोखों में इन वजहों से भी खास है पांच मई का दिन
05 मई, 1935: भारतीय राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता हिंदी-गुजराती साहित्यकार आबिद सुरती का जनम हुआ था।
05 मई, 1937: परमवीर चक्र से सम्मानित भारतीय सैनिक मेजर होशियार सिंह का जन्म।
05 मई, 1953: आजाद भारत के पहले वित्त मंत्री आर.के. शनमुखम शेट्टी का निधन हुआ था।
05 मई, 1954: भारतीय जनता पार्टी ( BJP ) के नेता एवं हरियाणा state के वर्तमान मुख्यमंत्री मनोहर लाल का जन्म।
05 मई, 1961: अमेरिका के पहले अंतरिक्ष यात्री कमांडर ऐलन शेपर्ड अपने निजी अंतरिक्ष यान से पहली बार अटलांटिक महासागर में उतरे।
05 मई, 1970: सुप्रसिद्ध भारतीय निशानेबाज समरेश जंग का जनम हुआ था।
इतिहास की गहराईयों में इन वजहों से भी खास है पांच मई का दिन
05 मई, 1989: दक्षिण भारतीय फिल्म अभिनेत्री राय लक्ष्मी उर्फ लक्ष्मी राय का जनम हुआ।
05 मई, 2005: Britain में टोनी ब्लेयर 30 री बार प्रधानमंत्री बने थे।
05 मई, 2006: भारतीय संगीत के जादूगर माने जाने वाले संगीत निर्देशक नौशाद अली ने इसी दिन दुनिया को अलविदा कहा था।
05 मई, 2009: अमेरिका की सुप्रसिद्ध नारीवादी महिला मर्लिन फ्रांसीसी की न्यूयॉर्क में 99 वर्ष की आयु में हृदय गति रुकने से मृत्यु हो गई थी।
05 मई, 2010: south indian state आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष केंद्र से नई पीढ़ी के साउंडिंग रॉकेट का उड़ान परीक्षण सफल रहा। इसमें एयर ब्रीथिंग तकनीक वाले स्क्रैमजेट इंजन मॉड्यूल का इस्तेमाल किया गया।
05 मई, 2017: ISRO ने सफलतापूर्वक अपना साउथ एशिया सैटेलाइट लॉन्च किया था।
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